Article 378 Constitution of India

Article 378 of Indian Constitution - 


Provisions as to Public Service Commissions
(1) The members of the Public Service Commission for the Dominion of India holding office immediately before the commencement of this Constitution shall, unless they have elected otherwise, become on such commencement the members of the Public Service Commission for the Union and shall, notwithstanding anything in clauses ( 1 ) and ( 2 ) of Article 316 but subject to the proviso to clause ( 2 ) of that article, continue to hold office until the expiration of their term of office as determined under the rules which were applicable immediately before such commencement to such members
(2) The members of a Public Service Commission of a Province or of a Public Service Commission serving the needs of a group of Provinces holding office immediately before the commencement of this Constitution shall, unless they have elected otherwise, become on such commencement the members of the Public Service Commission for the corresponding State or the members of the Joint State Public Service Commission serving the needs of the corresponding States, as the case may be, and shall, notwithstanding anything in clauses ( 1 ) and ( 2 ) of Article 316 but subject to the proviso to clause ( 2 ) of that article, continue to hold office until the expiration of their term of office as determined under the rules which were applicable immediately before such commencement to such members

India's Important Case Laws and Landmark Judgments on Constitution of India i.e. Article 378 Constitution of India

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Article 378 of Indian Constitution in Hindi - भारतीय संविधान का अनुच्छेद 378 का विवरण - 

लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध, Constitution of India, Article 378
(1) इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत डोमिनियन के लोक सेवा आयोग के पद धारण करने वाले सदस्य, यदि वे अन्यथा निर्वाचन न कर चुके हों तो ऐसे प्रारंभ पर संघ के लोक सेवा आयोग के सदस्य हो जाएँगे और अनुच्छेद 316 के खंड (1) और खंड (2) में किसी बात के होते हुए भी, किंतु उस अनुच्छेद के खंड (2) के परंतुक के अधीन रहते हुए, अपनी उस पदावधि की समाप्ति तक पद धारण करते रहेंगे जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले ऐसे सदस्यों को लागू नियमों के अधीन अवधारित है।

(2) इस सविधान के प्रारंभ से ठीक पहले किसी प्रांत के लोक सेवा आयोग के या प्रांतों के समूह की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले किसी लोक सेवा आयोग के पद धारण करने वाले सदस्य, यदि वे अन्यथा निर्वाचन न कर चुके हों तो, ऐसे प्रारंभ पर, यथास्थिति, तत्स्थानी राज्य के लोक सेवा आयोग के सदस्य या तत्स्थानी राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य हो जाएँगे और अनुच्छेद 316 के खंड (1) और खंड (2) में किसी बात के होते हुए भी, किंतु उस अनुच्छेद के खंड (2) के परंतुक के अधीन रहते हुए, अपनी उस पदावधि की समाप्ति तक पद धारण करते रहेंगे जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले ऐसे सदस्यों को लागू नियमों के अधीन अवधारित है।

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