Section 154 The Trade Marks Act, 1999

 


 

Section 154 The Trade Marks Act, 1999: 

Special provisions relating to applications for registration from citizens of convention countries.—

(1) With a view to the fulfilment of a treaty, convention or arrangement with any country or country which is a member of a group of countries or union of countries or Inter-Governmental Organisation outside India which affords to citizens of India similar privileges as granted to its own citizens, the Central Government may, by notification in the Official Gazette, declare such country or group of countries or union of countries or Inter-Governmental Organisation to be a convention country or group of countries or union of countries, or Inter-Governmental Organisations as the case may be, for the purposes of this Act.

(2) Where a person has made an application for the registration of a trade mark in a convention country or country which is a member of a group of countries or union of countries or Inter-Governmental Organisation and that person, or his legal representative or assignee, makes an application for the registration of the trade mark in India within six months after the date on which the application was made in the convention country or country which is a member of a group of countries or union of countries or Inter-Governmental Organisations the trade mark shall, if registered under this Act, be registered as of the date on which the application was made in the convention country or country which is a member of a group of countries or union of countries or Inter-Governmental organisations and that date shall be deemed for the purposes of this Act to be the date of registration.

(3) Where applications have been made for the registration of a trade mark in two or more convention countries or country which are members of group of countries or union of countries or Inter-Governmental Organisation the period of six months referred to in the last preceding sub-section shall be reckoned from the date on which the earlier or earliest of those applications was made.

(4) Nothing in this Act shall entitle the proprietor of a trade mark to recover damages for infringement which took place prior to the date of application for registration under this Act.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 154 The Trade Marks Act, 1999: 

4 Whether This Case Involves A vs Premchandbhai Venidas Patel & 2 on 17 July, 2017

Sim Sim Trading Company & Another vs Cream Creation & Another on 15 December, 1998

M/S Skol Breweries Limited vs State Of Haryana And Others on 10 May, 2012

The Indian Hotels Company Ltd vs Ashwajeet Garg And Ors on 1 May, 2014

M/S. Prestige Estates Projects  vs M/S. Presteege Property  on 27 June, 2014



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 154 का विवरण : 

अभिसमय देशों के नागरिकों से रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदनों से संबंधित विशेष उपबंध-(1) भारत के बाहर किसी देश या ऐसे देश के, जो देशों के समूह या देशों के संघ, अन्तर-शासनात्मक संगठन का सदस्य है, साथ जो भारत के नागरिकों को उसी प्रकार के विशेषाधिकार देता है जैसे उसके अपने नागरिकों को अनुदत्त किए जाते हैं, किसी संधि, अभिसमय या ठहराव की पूर्ति की दृष्टि से केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे देश या देशों के समूह या देशों के संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, अभिसमय देश, देशों का समूह या देशों का संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन घोषित   कर सकेगी ।

(2) जहां किसी व्यक्ति ने किसी अभिसमय देश या ऐसे देश में, जो देशों के समूह या देशों के संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन का सदस्य है, व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन किया है और वह व्यक्ति, या उसका विधिक प्रतिनिधि या समनुदेशिती, उस तारीख के पश्चात् जिसको उस अभिसमय देश या ऐसा देश, जो देशों के समूह या देशों के संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन का सदस्य है, में आवेदन दिया गया था, छह मास के भीतर भारत में व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करता है, वहां यदि वह व्यापार चिह्न इस अधिनियम के अधीन रजिस्टर किया जाता है तो वह उस तारीख से रजिस्टर किया जाएगा जिस तारीख को अभिसमय देश या ऐसे देश जो देशों के समूह या देशों के संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन का सदस्य है, में आवेदन किया गया था और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए वह तारीख रजिस्ट्रीकरण की तारीख समझी जाएगी ।

(3) जहां व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन दो या अधिक अभिसमय देशों में या ऐसे देश में जो देशों के समूह या देशों के संघ या अन्तर-शासनात्मक संगठन के सदस्य हैं, किए जाते हैं, इससे ठीक पहले की उपधारा में निर्दिष्ट छह मास की अवधि की गणना उस तारीख से की जाएगी जिसको उन आवेदनों में से पहला या सबसे पहला आवेदन किया गया था ।

(4) इस अधिनियम की कोई भी बात किसी व्यापार चिह्न के स्वत्वधारी को, ऐसे अतिलंघन के लिए नुकसानी वसूल करने का हकदार नहीं बनाएगी जो इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन की तारीख के पूर्व हुई हो ।



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