अश्लील किताबें बेचना तथा अश्लीलता का प्रदर्शन करना

 क्या अश्लील किताबें बेचना तथा अश्लीलता का प्रदर्शन करना अपराध है ? 

भारतीय दंड संहिता की धारा 292, 293 व  294 


भारतीय दंड संहिता की धारा 292, 293 व  294 के तहत अश्लीलता का प्रदर्शन एक अपराध है।अश्लील किताबें,पोस्टर, चित्र या किसी अन्य माध्यम से गंदी तथा अभद्र सामग्री बेचना,खरीदना,बांटना,प्रदर्शित करना या ऐसा करने का प्रयास करना एक अपराध है। सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई अश्लील कार्य करता है जैसे- गंदे गाने गाना ,सेक्स करना,गंदे इशारे करना तो वह इस अपराध के अंतर्गत आता है।

उदाहरण

1 अहमद एक लड़की को देखकर सिटी बजाता है तथा अश्लील इशारे करता है। अहमद अश्लीलता के प्रदर्शन का अपराधी है।

2 एक व्यक्ति अपने सारे कपड़े उतार कर नग्न अवस्था में सड़क पर घूमता है। वह व्यक्ति अश्लीलता के प्रदर्शन का अपराधी है।

दंड का प्रावधान

इसका दंड छे महीने तक का कारावास जुर्माना या दोनों हो सकता है।

यदि अश्लील किताबें 20 वर्ष से कम आयु के लोगों को बेची जाती है या प्रदर्शित की जाती है तो 3 वर्ष तक का कारावास या 2000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।

यदि अपराधी यह अपराध दोबारा करता है तो उसे 7 वर्ष की सजा तथा 5 हजार रुपए का जुर्माना यह दोनों हो सकता है।

सार्वजनिक स्थल पर अश्लील कार्य,अश्लीलता का प्रदर्शन तथा गंदे गाने गाना या गंदे शब्दों का प्रयोग करने इत्यादि का दंड 3 महीने तक का कारावास या जुर्माना या दोनों को सकता है।

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