जाली रुपए छापना तथा रखना

क्या जाली रुपए छापना तथा रखना अपराध है ?

भारतीय दंड संहिता धारा 489- ए, 489- बी, 489- सी  के तहत जाली नोट या रुपया छापना तथा रखना एक अपराध है। सरकार स्वयं रुपए छपती है, जिसमें विशेष पहचान होती है, जिससे कोई और उसकी नकल नहीं कर सकता। सरकार द्वारा छापे गए रुपए  ही असली होते हैं। जाली रुपए छापना एक बहुत गंभीर अपराध है। इस अपराध से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है।

जाली रुपए छापने और जाली रुपए रखना अलग-अलग अपराध है। कोई व्यक्ति जाली रुपए छपता नहीं है, लेकिन जाली रुपए रखता है या चलाता है। वह यह जानते हुए कि वह रुपया जारी है उन्हें चलाने के उद्देश्य से रखता है या जाली रुपए चलाता है, वह व्यक्ति जाली रुपए रखने का अपराध करता है।

उदाहरण

1 जुनैद जाली नोट छापने की मशीन बनाता है  100 रुपए के जाली नोट छाप कर बाजार में चलाता है। जुनेद जाली नोट छापने का अपराधी है।

2 चुनर जाली रुपए लेकर बाजार में सामान खरीदने जाता है। जुनैद ने जाली  रुपए चलाने का अपराध किया।

दंड का प्रावधान

जाली रुपए छापने की अपराध का दंड आजीवन कारावास तथा जुर्माना हो सकता है।

जाली रुपए रखने या चलाने का दंड 10 वर्ष पक्का कारावास तथा जुर्माना हो सकता है।

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