हथियार रखना

क्या  हथियार रखना अपराध है?


आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 4,7 व 25 

आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 4,7 व 25 के तहत खतरनाक हथियार रखना वर्जित है। पिस्तौल ,गोला-बारूद, चाकू, तलवार, कटार, भाला ,कृपाण, खुखरी तथा अन्य धारदार हथियार जिसके ब्लड की लंबाई 9 इंच से अधिक हो और चौड़ाई 2 इंच से अधिक हो, बिना किसी सरकारी अनुमति के रखना एक गंभीर अपराध है। इस प्रकार के हथियार जिला अधिकारी की अनुमति से ही रखे जा सकते हैं| या अनुमति पत्र लाइसेंस कहलाता है। इन हथियारों को रखना धारण करना बनाना बेचना या इन हथियारों की मरम्मत तथा जांच करना इस अपराध के अंतर्गत आता है और दंडनीय किए हैं।

घरेलू इस्तेमाल का चाकू इन हथियारों में नहीं आता। खेती के उपकरण वैज्ञानिक तथा औद्योगिक उद्देश्य के लिए उपकरण भी इस अपराध की परिधि में नहीं आते हैं।

उदाहरण

1- अशरफ बिना लाइसेंस एक पिस्तौल रखता है। अशरफ ने गैरकानूनी पिस्तौल रखने का अपराध किया।

2-  अशरफ की जेब में चाकू पाया गया, जिसके ब्लड की लंबाई 9.5 इंच, चौड़ाई 2.5 इंच पाई गई। अशरफ ने गैरकानूनी हथियार रखने का अपराध किया।

दंड का प्रावधान

इस अपराध का दंड कम से कम 5 वर्ष और अधिक से अधिक 10 वर्ष तक का कारावास तथा जुर्माना हो सकता है।

Comments

Popular posts from this blog

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर

संविधान के अनुच्छेद 19 में मूल अधिकार | Fundamental Right of Freedom in Article 19 of Constitution