रिश्वत लेना या देना

क्या रिश्वत लेना या देना अपराध हैं ?

 धारा 7,8 ,11 तथा 12 

भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम, 1988 के धारा 7,8 ,11 तथा 12 के तहत जब कोई सरकारी कर्मचारी अपना सरकारी काम करने के लिए जनता से पैसे लेता है, तो वह रिश्वत लेने का अपराध करता है।  हर सरकारी कर्मचारी कुछ निश्चित कार्य करता है जिसे करना उसकी जिम्मेदारी है।  परंतु वह कर्मचारी अपना काम करने के लिए यदि पैसे या कुछ अन्य चीजें अपने लिए लेता है या किसी और के लिए लेता है ,तो वह घूस लेने का अपराध करता है। 

सरकारी कर्मचारी पक्षपात करने के लिए भी घूस ले सकता है।  घूस देने वाले को घूस लेने वाले का सहयोगी समझा जाता है।  घूस लेने के लिए किसी को प्रेरित करना या उकसाना भी अपराध है। 

उदाहरण

1 राशन कार्ड बनाना जिला पूर्ति कार्यालय का कार्य है। परंतु यदि राशन कार्ड बनाने के लिए इंस्पेक्टर पैसा यानी रिश्वत लेता है तो वह इस्पेक्टर घूस लेने का अपराधी है। 

2  चार ठेकेदारों में से एक को ठेका देने के लिए इंजीनियर एक ठेकेदार से पैसा लेकर पक्षपात करता है और उस ठेकेदार को ठेका दे देता है| उस इंजीनियर ने घूस लेने का अपराध किया। 

दंड का प्रावधान

इस अपराध का दंड कम से कम 6 महीने से लेकर 5 साल तक का कारावास तथा जुर्माना हो सकता है। 

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