मानहानि

 

 मानहानि क्या है ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 499 से 502 

समाज में किसी व्यक्ति की इज्जत खराब करना या उस पर गलत लांछन लगाना एक अपराध है। बोलकर, लिखकर, पर्चे छपवा कर, संकेत के द्वारा सम्मान को ठेस पहुंचाई जा सकती है| मानहानि में अपमान निहित होता है। मानहानि के लिए लांछन झूठा होना जरूरी है। यदि लांछन झूठा नहीं है तो मानहानि नहीं होगी।

उदाहरण

1 दीपक से पूछा गया कि मोहन की घड़ी किसने चुराई। दीपक जानबूझकर महेश की इज्जत खराब करने के लिए उसकी तरफ से इस प्रकार इशारा करता है जिससे लोग यह विश्वास करें की महेश ने मोहन की घड़ी चुराई, जबकि ऐसा नहीं है। दीपक ने महेश की मानहानि की।

2 संजय ने श्याम को बदनाम करने के उद्देश्य से एक पोस्टर छपवाया। उस पोस्टर में श्याम की तस्वीर थी और लिखा था कि वह चोर तथा भ्रष्ट है। संजय ने व पोस्टर सारे शहर में चिपका दिया| संजय ने श्याम की मानहानि का अपराध किया।

दंड का प्रावधान

मानहानि का अपराध करने का दंड 2 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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