Section 99 Negotiable Instruments Act, 1881

 

Section 99 Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 



Section 99 Negotiable Instruments Act, 1881 :When a promissory note or bill of exchange has been dishonoured by non-acceptance or non-payment, the holder may cause such dishonour to be noted by a notary public upon the instrument, or upon a paper attached thereto, or partly upon each.

Such note must be made within a reasonable time after dishonour, and must specify the date of dishonour, the reason, if any, assigned for such dishonour, or, if the instrument has not been expressly dishonoured, the reason why the holder treats it as dishonoured, and the notary's charges.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 99 of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Not available



परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 99 का विवरण :  - जब कि वचन-पत्र या विनिमय -पत्र अप्रतिग्रहण द्वारा या असंदाय द्वारा अनादृत हो गया है तब धारक ऐसे अनादर का टिप्पण नोटरी पब्लिक से ऐसी लिखत पर या संलग्न कागज पर या भागतः एक पर और भागतः दूसरे पर करवा सकेगा ।

ऐसा टिप्पण अनादर के पश्चात् युक्तियुक्त समय के भीतर किया जाना चाहिए और उसमें अनादर की तारीख, ऐसे अनादर के लिए दिया गया कारण, यदि कोई हो, या यदि लिखत अभिव्यक्ततः अनादृत नहीं की गई है तो वह कारण जिसके लिए धारक से अनादृत मानता है और नोटरी पब्लिक के प्रभार विनिर्दिष्ट किए जाने चाहिए ।



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