Section 91 Negotiable Instruments Act, 1881

 

Section 91 Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 



Section 91 Negotiable Instruments Act, 1881 :A bill of exchange is said to be dishonoured by non-acceptance when the drawee, or one of several drawees not being partners, makes default in acceptance upon being duly required to accept the bill, or where presentment is excused and the bill is not accepted.

Where the drawee is incompetent to contract, or the acceptance is qualified, the bill may be treated as dishonoured



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 91 of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Pawan Kumar Ralli vs Maninder Singh Narula on 11 August, 2014

P. Mohanraj vs M/S. Shah Brothers Ispat Pvt. Ltd. on 1 March, 2021



परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 91 का विवरण :  - विनिमय-पत्र अप्रतिग्रहण द्वारा अनादृत हुआ तब कहा जाता है। जब उस विनिमय-पत्र के प्रतिग्रहण के लिए सम्यक् रूप से अपेक्षित किए जाने पर ऊपरवाल या कई ऊपरवालों में से, जो भागीदार नहीं हैं, एक प्रतिग्रहण में व्यतिक्रम करता है या जहाँ कि उपस्थापन करने से अभिमुक्ति दे दी गई हो और विनिमय-पत्र प्रतिगृहीत न किया जाए ।

 जहाँ कि ऊपरवाल संविदा करने के लिए अक्षम है या प्रतिग्रहण विशेषित है वहाँ विनिमय-पत्र अनादृत कर दिया गया माना जा सकेगा ।



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