Section 62 Negotiable Instruments Act, 1881

 

Section 62 Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 



Section 62 Negotiable Instruments Act, 1881 :A promissory note. payable at a cerain period after siglt must be presented to the maker thereof for sight (if he can after reasonable search be found) by a person entitled to demand payment, within a reasonable time atter it is made and in business hours on a business day. In default of such presentment, no party thereto is liable thereon to the person making such default.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 62 of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Indian Bank vs K. Nataraja Pillai And Anr on 22 October, 1992



परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 62 का विवरण :  - दर्शनोपरान्त निश्चित कालावधि पर देय वचन- उसके रचयिता के समक्ष (यदि वह युक्तियुक्त तलाश के पश्चात् पाया जा सके) उसके रचे जाने के पश्चात् युक्तियुक्त समय के अंदर उस व्यक्ति द्वारा जो संदाय की माँग करने का हकदार है, और कारबार के दिन कारबार के समय दर्शन के लिए उपस्थापित किया जाना चाहिए । ऐसे उपस्थापन में व्यतिक्रम होने पर उसका कोई भी पक्षकार ऐसा व्यतिक्रमण करने वाले व्यतिक्रम के प्रति उस पर दायी न होगा ।



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