Section 62 The Army Act, 1950

 

 Section 62 The Army Act, 1950 in Hindi and English 



Section 62 The Army Act, 1950  :Offences in relation to aircraft and flying. Any person subject to this Act who commits any of

the following offences, that is to say,-

(a) wilfully or without reasonable excuse damages, destroys or loses any aircraft or aircraft material

belonging to the Government: or

(b) is guilty of any act or neglect likely to cause such damage, destruction or loss; or

(c) without lawful authority disposes of any aircraft or aircraft material belonging to the Government; or

(d) is guilty of any act or neglect in flying, or in the use of any aircraft, or in relation to any aircraft or

aircraft material, which causes or is likely to cause loss of life or bodily injury to any person; or

(e) during a state of war, wilfully and without proper occasion, or negligently, causes the sequestration,

by or under the authority of a neutral State, or the destruction in a neutral State of any aircraft,

belonging to the Government

shall, on conviction by court- martial, be liable, if he has acted wil- fully, to suffer imprisonment for a

term which may extend to fourteen years or such less punishment as is in this Act mentioned, and, in

any other case, to suffer imprisonment for a term which may extend to five years or such less

punishment as is in this Act mentioned.




Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 62 of The Army Act, 1950  :



सेना अधिनियम, 1950 की धारा 62 का विवरण :  - वायुयान और उड़ान के सम्बन्ध के अपराध - इस अधिनियम के अध्यधीन का कोई व्यक्ति, जो निम्नलिखित अपराधों में से कोई अपराध करेगा, अर्थात्:-

(क) किसी वायुयान या वायुयान सामग्री को, जो सरकार की है जानबूझकर युक्तियुक्त प्रतिहेतु के बिना नुकसान करेगा, नष्ट करेगा या खो देगा, अथवा

(ख) किसी ऐसे कार्य या उपेक्षा का दोषी होगा जिससे ऐसा नुकसान, नाश या खो जाना कारित होना सम्भाव्य है, अथवा

(ग) किसी वायुयान या वायुयान सामग्री का, जो सरकार की है, विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना व्ययन करेगा, अथवा

(घ) उड़ान में या किसी वायुयान का उपयोग करने में या किसी वायुयान या वायुयान सामग्री के सम्बन्ध में किसी ऐसे कार्य या उपेक्षा का दोषी होगा जिससे किसी व्यक्ति को जीवन हानि या शारीरिक क्षति कारित होती है या उसका कारित होना संभाव्य है, अथवा

(ङ) युद्ध-स्थिति के दौरान सरकार के किसी वायुयान का, या किसी तटस्थ राज्य के प्राधिकार से या के अधीन परिबद्धकरण या किसी तटस्थ राज्य में नाश जानबूझकर और उचित कारण के बिना या उपेक्षापूर्वक कारित करेगा,

सेना-न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पर, उस दशा में जिसमें कि उसने जानबूझकर कार्य किया है, कारावास, जिसकी अवधि चौदह वर्ष तक की हो सकेगी या ऐसा लघुतर दंड, जो इस अधिनियम में वर्णित है, भोगने, और किसी अन्य दशा में कारावास, जिसकी पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या ऐसा लघुतर दंड, जो इस अधिनियम में वर्णित है, भोगने के दायित्व के अधीन होगा।



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