Section 39 The Army Act, 1950


Section 39 The Army Act, 1950 in Hindi and English 

Section 39 The Army Act, 1950  :Absence without leave. Any person subject to this Act who commits any of the following

offences, that is to say,-

(a) absents himself without leave; or

(b) without sufficient cause overstays leave granted to him; or

(c) being on leave of absence and having received information from proper authority that any corps, or

portion of a corps, or any department, to which he belongs, has been ordered on active service, fails,

without sufficient cause, to rejoin without delay; or

(d) without sufficient cause fails to appear at the time fixed at the parade or place appointed for

exercise or duty; or

(e) when on parade, or on the line of march, without sufficient cause or without leave from his superior

officer, quits the parade or line of march; or

(f) when in camp or garrison or elsewhere, is found beyond any limits fixed, or in any place prohibited,

by any general, local or other order, without a pass or written leave from his superior officer; or

(g) without leave from his superior officer or without due cause, absents himself from any school when

duly ordered to attend there; shall, on conviction by court- martial, be liable to suffer imprisonment for

a term which may extend to three years or such less punishment as is in this Act mentioned.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 39 of The Army Act, 1950  :

Capt. Virendra Kumar Through His vs Chief Of The Army Staff, New Delhi on 13 February, 1986

Union Of India & Anr vs Charanjit S. Gill & Ors on 24 April, 2000

Sheel Kr. Roy vs Secretary M/O Defence & Ors on 18 May, 2007

Union Of India & Ors vs Dinesh Prasad on 30 October, 2012

Union Of India & Ors vs Vishav Priya Singh on 5 July, 2016

Union Of India & Ors vs Capt.A.P. Bajpai on 20 February, 1998

State (Union Of India) vs Ram Saran on 4 December, 2003

सेना अधिनियम, 1950 की धारा 39 का विवरण :  - छुट्टी बिना अनुपस्थिति - इस अधिनियम के अध्यधीन का कोई व्यक्ति, जो निम्नलिखित अपराधों में से कोई अपराध करेगा, अर्थात् -

(क) छुट्टी बिना अपने को अनुपस्थित रखेगा, अथवा

(ख) अपने को अनुदत्त छुट्टी के उपरान्त पर्याप्त हेतुक के बिना अनुपस्थित रहेगा, अथवा

(ग) अनुपस्थिति छुट्टी पर होते हुए और उचित प्राधिकारी से यह इत्तिला मिलने पर कि कोई कोर या कोर के प्रभाग को या किसी विभाग को, जिसका वह अंग है, सक्रिय सेवा पर जाने के लिए आदिष्ट हो गई है, काम पर अविलम्ब वापस आने में पर्याप्त हेतुक के बिना असफल रहेगा, अथवा

(घ) परेड में या अभ्यास या कर्तव्य के लिए नियुक्त स्थान पर नियत समय पर उपसंजात होने में पर्याप्त हेतुक के बिना असफल रहेगा, अथवा

(ङ) उस दौरान जब वह परेड में या प्रगमन पथ पर है, पर्याप्त हेतुक के बिना या अपने वरिष्ट आफिसर से इजाजत लिए बिना परेड या प्रगमन पथ छोड़ेगा, अथवा

(च) जब वह कैम्प में या गैरिजन में अन्यत्र है, तब किसी साधारण, स्थानीय या अन्य आदेश द्वारा नियत किन्हीं परिसीमाओं के परे या प्रतिषिद्ध किसी स्थान में, पास या अपने वरिष्ठ आफिसर की लिखित इजाजत के बिना पाया जाएगा, अथवा

(छ) जब कि उसे किसी स्कूल में हाजिर होने के लिए सम्यक् रूप से आदेश दिया गया है तब अपने वरिष्ठ आफिसर की इजाजत के बिना या सम्यक् हेतुक के बिना अपने को उससे अनुपस्थित रखेगा,

सेना-न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि पर कारावास, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या ऐसा लघुतर दण्ड जो इस अधिनियम में वर्णित है, भोगने के दायित्व के अधीन होगा।

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