Section 2 The Army Act, 1950

 

Section 2 The Army Act, 1950 in Hindi and English 



Section 2 The Army Act, 1950  :(1) The following persons shall be subject to this Act wherever they may be, namely:-

(a) officers, junior commissioned officers and warrant officers of the regular Army;

(b) persons enrolled under this Act;

(c) persons belonging to the Indian Reserve Forces;

(d) persons belonging to the Indian Supplementary Reserve Forces when called out for service or

when carrying out the annual test;

(e) officers of the Territorial Army, when doing duty as such officers, and enrolled persons of the said

Army when called out or embodied or attached to any regular forces, subject to such adaptations and

modifications as may be made in the application of this Act to such persons under sub- section (1) of

section 9 of the Territorial Army Act, 1948 (56 of 1948 .)

1. This Act has been extended to- Goa, Daman and Diu with modifications by Reg. 12 of 1962, s. 3

and Sch. Assam Rifles as modified by S. R. O. 318, dated 6- 12- 1962, Gazette of India, Part II,

Section 4, page 223. Pondicherry vide Reg. 7 of 1963, s. 3 and Sch. I (w. e. f. 1- 10- 1963 ). And

brought into force in Dadra and Nagar Haveli by Reg. 6 of 1963, s. 2 and Sch. I (w. e. f. 1- 7- 1965 ).

2. 22nd July, 1950, see Notification No,. S. R. 0 120, dated the 22nd July, 1950, Gazette of India, Pt.

II, Sec. 4, p. 86.

(f) persons holding commissions in the Army in India Reserve of Officers, when ordered on any duty or

service for which they are liable as members of such reserve forces;

(g) officers appointed to the Indian Regular Reserve of Officers, when ordered on any duty or service

for which they are liable as members of such reserve forces; 1[

(i) persons not otherwise subject to military law who, on active service, in camp, on the march or at

any frontier post specified by the Central Government by notification in this behalf, are employed by, or

are in the service of, or are followers of, or accompany any portion of, the regular Army

(2) Every person subject to this Act under clauses (a) to 2[ (g) of sub- section (1) shall remain so

subject until duly retired, dis- charged, released, removed, dismissed or cashiered from the service.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 2 of The Army Act, 1950  :

Major E. G. Barsay vs The State Of Bombay on 24 April, 1961

Ous Kutilingal Achudan Nair And vs Union Of India & Ors on 20 November, 1975

U.O.I.& Ors vs G.S.Grewal on 28 May, 2014

Lt. Col. Vijaynath Jha vs Union Of India And Others on 18 May, 2018

Union Of India & Ors vs Major General Madan Lal Yadav on 22 March, 1996

Lt. Col. Prithi Pal Singh Bedi Etc vs Union Of India & Others on 25 August, 1982

Ajit Kumar, Etc vs Union Of India And Others Etc on 25 November, 1987

Som Datt Datta vs Union Of India And Ors on 20 September, 1968

Ram Sarup vs The Union Of India And Another on 12 December, 1963

Union Of India vs S. K. Rao on 22 November, 1971



सेना अधिनियम, 1950 की धारा 2 का विवरण :  - (1) निम्नलिखित व्यक्ति, अर्थात्:-

(क) नियमित सेना के आफिसर, कनिष्ठ आयुक्त आफिसर और वारण्ट आफिसर, 

(ख) इस अधिनियम के अधीन अभ्यावेशित किए गए व्यक्ति, 

(ग) भारतीय रिजर्व बल के व्यक्ति,

(घ) भारतीय अनूपूरक रिजर्व बल के व्यक्ति, जब वे सेवा के लिए आहूत किए गए हों या जब वे वार्षिक परीक्षण में लगे हुए हों,

(ङ) प्रादेशिक सेना के आफिसर, जब वे ऐसे आफिसरों की हैसियत में कर्तव्य कर रहें हो और उक्त सेना में अभ्यावेशित व्यक्ति जब वे आहूत किए गए हों या निकायकृत हों या किन्हीं नियमित बलों से संलग्न हों, ऐसे अनुकूलनों और उपान्तरों के अध्यधीन जो ऐसे व्यक्तियों पर इस अधिनियम को प्रादेशिक सेना अधिनियम, 1948 (1948 का 56) की धारा 9 की उपधारा (1) के अधीन लागू करने में किए जाएं,

(च) भारत में के सेना-आफिसर-रिजर्व में आयोग धारण करने वाले व्यक्ति, जब उन्हें किसी ऐसे कर्तव्य या ऐसी सेवा के लिए आदेश मिला हो जिसका उन पर दायित्व ऐसे रिजर्व बलों के सदस्य होने के नाते है,

(छ) भारतीय नियमित आफिसर-रिजर्व में नियुक्त आफिसर, जब उन्हें किसी ऐसे कर्तव्य या ऐसी सेवा के लिए आदेश मिला हो जिसका उन पर दायित्व ऐसे रिजर्व बलों के सदस्य होने के नाते है,

(झ) सैनिक विधि के अध्यधीन अन्यथा न आने वाले व्यक्ति जो सक्रिया सेवा पर, कैम्प में, प्रगमन पर या केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट किसी सीमान्त चौकी पर, नियमित सेना के किसी प्रभाग द्वारा

नियोजित हों, या उसकी सेवा में हों, या उसके अनुचारी हों, या उसके साथ चलते हों, वे जहां कहीं भी हों इस अधिनियम के अध्यधीन होंगे।

(2) हर व्यक्ति जो उपधारा (1) के खण्ड (क) से (छ) तक के अधीन इस अधिनियम के अध्यधीन है तब तक जब तक वह सेवा से सम्यक् रूप से निवृत्त, उन्मोचित, निर्मुक्त, पदच्युत न कर दिया जाए या हटा न दिया जाए या सकलंक पदच्युत न कर दिया जाए, अध्यधीन बना रहेगा। 



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