Section 141 Negotiable Instruments Act, 1881


Section 141 Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 

Section 141 Negotiable Instruments Act, 1881 :(1) If the person comunitting an offence under section 138 is a company, every person who, at the time the offence was committed, was in charge of, and was responsible to the company for the conduct of the business of the company, as well as the company, shall be deemed to be guilty of the offence and shall be liable to be proceeded against and punished accordingly :

Provided that, nothing contained in this sub-section shall render any person liable to punishment if he proves that the offence was committed without his knowledge, or that he had exercised all due diligence to prevent the commission of şuch offence :

Provided further that where a person is nominated as a Director of a company by virtue of his holding any office or employment in the Central Government or State Government or a financial corporation owned or controlled by the Central Government or the State Government, as the case may be, he shall not be liable for prosecution under this Chapter.

(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1), where any offence under this Act has been committed by a company and it is proved that the offence has been committed with the consent or connivance of, or is attributable to, any neglect on the part of, any director, manager, secretary or other officer of the company, such director, manager, secretary or other officer shall also be deemed to be guilty of that offence and shall be liable to be proceeded against and punished accordingly.

Explanation -- For the purposes of this section -

(a) "company“ means any body corporate and includes a firm or other association of individuals; and

(b) "director“, in relation to a firm, means a partner in the firm.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 141 of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Gunmala Sales Pvt. Ltd vs Anu Mehta & Ors on 17 October, 2014

K.P.G. Nair vs Jindal Menthol India Ltd. on 12 September, 2000

Harshendra Kumar D vs Rebatilata Koley Etc on 8 February, 2011

Aneeta Hada vs M/S Godfather Travels & Tours on 8 May, 2008

P. Mohanraj vs M/S. Shah Brothers Ispat Pvt. Ltd. on 1 March, 2021

Aneeta Hada vs M/S Godfather Travels & Tours on 27 April, 2012

S.V. Muzumdar And Ors vs Gujarat State Fertilizer Co. Ltd. on 25 April, 2005

Pooja Ravinder Devidasani vs State Of Maharashtra & Ors on 17 December, 2014

Securities And Exchange Board Of vs Gaurav Varshney And Anr on 15 July, 2016

N. Harihara Krishnan vs J. Thomas on 30 August, 2017

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 141 का विवरण :  - (1) धारा 138 के अधीन अपराध कारित करने वाला व्यक्ति यदि कम्पनी है तो ऐसा व्यक्ति जो अपराध कारित होने के समय उसे कम्पनी का प्रभारी था और कम्पनी के कारबार के संचालन के लिए उत्तरदायी थी, तो वह तथा कम्पनी उस अपराध के लिए दोषी समझे जायेंगे और तद्नुसार दण्डित किये जा सकेंगे :

परन्तु इस उपधारा की कोई बात ऐसे किसी व्यक्ति को दण्ड के लिए उत्तरदायी नहीं बनायेगी जो यह साबित कर देता है कि अपराध उसकी जानकारी के अभाव में कारित किया गया था अथवा उसने ऐसे अपराध के कारित होने को निवारित करने के लिए सम्यक् तत्परता बरती थी :

परन्तु यह और कि जब एक व्यक्ति कम्पनी के निदेशक के रूप में केन्द्र सरकार या राज्य सरकार या वित्तीय निगम के द्वारा कोई अधिकार, पद अथवा नियोजन के आधार पर नामांकित किया जाता है, जो केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के द्वारा मालिकी की या नियंत्रित, जैसी भी स्थिति, वह इस अध्याय के अधीन अभियोजन के लिये उत्तरदायी नहीं होगा ।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जहाँ इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध कम्पनी द्वारा कारित किया गया हो और यह साबित हो जाये कि अपराध उस कम्पनी के किसी संचालक, प्रबन्धक, सचिव या किसी अन्य अधिकारी की सहमति से अथवा मौनानुकूलता से अथवा लापरवाही से कारित हुआ था तो वह संचालक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी उस अपराध के लिए दोषी माना जायेगा और उसे तद्नुसार दण्डित किया जा सकेगा।

स्पष्टीकरण -- इस धारा के प्रयोजनार्थ,(क) “कम्पनी' से अभिप्रेत है कोई भी निगमित निकाय, और इसमें सम्मिलित है कोई भी फर्म अथवा व्यक्तियों का कोई संगम, और

(ख) फर्म के सम्बन्ध में ‘‘संचालक' से अभिप्रेत है उस फर्म का कोई भागीदार ।

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