Section 128 Negotiable Instruments Act, 1881

 

Section 128 Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 



Section 128 Negotiable Instruments Act, 1881 :Where the banker on whom a crossed cheque is drawn has paid the same in due course, the banker paying the cheque, and (in case such cheque has come to the hands of the payee) the drawer thereof, shall respectively be entitled to the same rights, and be placed in the same position in all respects, as they would respectively be entitled to and placed in if the amount of the cheque had been paid to and received by the true owner thereof.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 128 of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Ram Narain Popli vs Central Bureau Of Investigation on 14 January, 2003



परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 128 का विवरण :  - जहाँ कि उस बैंकार ने, जिस पर क्रॉस चैक लिखा गया है, उसका सम्यक्-अनुक्रम में संदाय कर दिया है वहाँ चैक का संदाय करने वाला बैंकार और (ऐसा चैक पानेवाले के हाथ में आ जाने की दशा में) उसका लेखीवाल क्रमशः उन्हीं अधिकारों के हकदार होंगे और सभी पहलुओं से उसी स्थिति में रख दिए जाएंगे जिनके वह क्रमशः हकदार होते और रखे गए होते यदि चैक की रकम चैक के सही स्वामी को दे दी गई होती और उस द्वारा प्राप्त कर ली गई होती ।



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