Section 93 IPC in Hindi

 Section 93 IPC in Hindi and English

Section 93 of IPC 1860:-Communication made in good faith -

No communication made in good faith is an offence by reason of any harm to the person to whom it is made, if it is made for the benefit of that person.

llustration -

A, a surgeon, in good faith, communicates to a patient his opinion that he cannot live. The patient dies in consequence of the shock. A has committed no offence, though he knew it to be likely that the communication might cause the patient's death.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 93 of Indian Penal Code 1860:

M/S Thermax Ltd.& Ors vs K.M.Johny & Ors on 27 September, 2011

R. P. Kapur vs Pratap Singh Kairon & Others on 2 August, 1963

R. Venkatakrishnan vs Central Bureau Of Investigation on 7 August, 2009

आईपीसी, 1860 (भारतीय दंड संहिता) की धारा 93 का विवरण - सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना -

सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना उस अपहानि के कारण अपराध नहीं है, जो उस व्यक्ति को हो जिसे वह दी गई है, यदि वह उस व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई हो।

दृष्टांत -

क, एक शल्य चिकित्सक, एक रोगी को सद्भावपूर्वक यह संसूचित करता है कि उसकी राय में वह जीवित नहीं रह सकता। इस आघात के परिणामस्वरूप उस रोगी की मृत्यु हो जाती है। क ने कोई अपराध नहीं किया है, यद्यपि वह जानता था कि उस संसूचना से उस रोगी की मृत्यु कारित होना संभाव्य है।

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