Section 152 IPC in Hindi

 Section 152 IPC in Hindi and English




Section 152 of IPC 1860:- Assaulting or obstructing public servant when suppressing riot, etc. -

Whoever assaults or threatens to assault, or obstructs or attempts to obstruct, any public servant in the discharge of his duty as such public servant, in endeavouring to disperse an unlawful assembly, or to suppress a riot or affray, or uses, or threatens, or attempts to use criminal force to such public servant, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 152 of Indian Penal Code 1860:

Kesho Ram vs Delhi Administration on 3 April, 1974

State Of Haryana vs Ghaseeta Ram on 28 February, 1997

State Of Orissa vs Choudhuri Nayak(Dead)Thr. L.Rs. ... on 20 August, 2010

State Of Nct Of Delhi vs Sanjay on 4 September, 2014



आईपीसी, 1860 (भारतीय दंड संहिता) की धारा 152 का विवरण - लोक-सेवक जब बल्वा इत्यादि को दबा रहा हो, तब उस पर हमला करना या उसे बाधित करना -

जो कोई ऐसे किसी लोक-सेवक पर, जो विधिविरुद्ध जमाव के बिखरने का, या बल्वे या दंगे को दबाने का प्रयास ऐसे लोक-सेवक के नाते अपने कर्तव्य के निर्वहन में कर रहा हो, हमला करेगा या उसको हमले की धमकी देगा या उसके काम में बाधा डालेगा या बाधा डालने का प्रयत्न करेगा या ऐसे लोक-सेवक पर आपराधिक बल का प्रयोग करेगा या करने की धमकी देगा, या करने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।



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