भारत के संविधान के किस भाग को मैग्नाकार्टा कहते हैं

भारत के संविधान के किस भाग को मैग्नाकार्टा कहते हैं?
भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है । भारतीय संविधान में सबसे महत्वपूर्ण भाग भाग-3 को माना गया है । क्योंकि भाग 3 मौलिक अधिकारों से संबंधित है । मौलिक अधिकार वे अधिकार हैं जो हमारे संविधान निर्माताओं ने भारत के सभी नागरिकों और उनमें से कुछ अधिकार हर व्यक्ति को भारतीय संविधान के द्वारा दिए गए हैं और उनमें अगर कोई व्यवधान पड़ता है तो वह नागरिक या वह व्यक्ति सीधे सर्वोच्च न्यायालय पहुंच सकता है सर्वोच्च न्यायालय का यह कर्तव्य है कि जिस व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है न्यायालय सुनिश्चित करें कि उक्त व्यक्ति को न्यायालय के आदेशों के द्वारा उस व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा करें । मौलिक अधिकार चैप्टर को मैग्नाकार्टा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह वही अधिकार है जो 12 वीं सदी में इंग्लैंड में वहां की जनता को मिले थे यह ऐसे अधिकार है जिन्हें व्यक्ति जन्म के साथ पाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने कई फैसलों में कहा है कि ऐसा नहीं है कि भाग 3 मौलिक अधिकार हमें प्रदान करता है बल्कि संविधान का भाग 3 केवल यह बताता है कि यह मौलिक अधिकार हैं और इन्हें सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा प्रवर्तित किया जा सकता है लेकिन यह ऐसे अधिकार हैं जिन्हें एक व्यक्ति से अलग नहीं किया जा सकता।

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