भारत के संविधान का अनुच्छेद 1

भारत के संविधान का अनुच्छेद 1 संघ के नाम के बारे में एवं इसके क्षेत्र के बारे में हमे जानकारी देता है । भारतीय संविधान के अनुच्छेद में कहा गया है की भारत ही इंडिया है या यूँ कहें की इंडिया ही भारत है तथा ये राज्यों का संघ है । इसके अलावा इस अनुच्छेद में यह भी बताया गया है की भारत देश के क्षेत्र कौन कौन से हैं ? इसका कहना है की भारत में राज्य होंगे, भारत में केंद्र शासित प्रदेश होंगे तथा वह क्षेत्र भारत अर्जित करता है संघ के क्षेत्र का हिस्सा होंगे । जब भी हम इस अनुच्छेद को पढ़ते या देखते हैं तो इसे भारत के संविधान की अनुसूची 1 के साथ पढ़ेंगे तभी हम समझ पाएंगे की भारत के कौन कौन से राज्य हैं तथा कौन कौन से केंद्र शासित प्रदेश । जैसे जैसे किसी नए राज्य या नए केंद्र शासित प्रदेश का निर्माण होता है तो वैसे वैसे अनुसूची 1 में बदलाव किया जाता है ।

अनुच्छेद 1 में 3 खंड है तथा तीसरे खंड में तीन उपखण्ड हैं ।   पहले खंड में भारत का नाम की भारत और इंडिया एक ही हैं तथा भारत राज्यों का संघ हैं बताया गया हैं । खंड दो में यह बताया गया है की राज्य एवं राज्य क्षेत्र संविधान की अनुसूची एक में दिए गए हैं । खंड तीन में भारत के क्षेत्र के बारे में बताया गया है तथा इसके तीन उपखण्ड है जिसमे पहले उपखण्ड में राज्यों के राज्य क्षेत्र, दूसरे उपखण्ड में केंद्र शासित क्षेत्र जो की अनुसूची एक में दिए गए हैं तथा तीसरे उपखण्ड में वो क्षेत्र जो भारत अर्जित करता है ।

इस अनुच्छेद में शुरुआत में यानि की जब संविधान बना था तब केंद्र शासित प्रदेश नहीं होते थे तथा केवल राज्य होते थे । उस समय राज्य चार प्रकार के थे जिसे पार्ट एक, पार्ट दो, पार्ट तीन तथा पार्ट चार तरह के राज्य के नाम से जाना जाता तहत । 1956 के राज्यों के पुनर्निर्माण के बाद चार तरह के राज्यों को बदल कर राज्य एवं केंद्र शासित क्षेत्रों में विभाजित कर दिया गया । उसी समय अनुच्छेद एक के खंड दो में तथा खंड तीन के उपखण्ड दो में भी सातवें संविधान संशोधन के जरिये बदलाव किया गया । 

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